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Showing posts from April, 2021

सोच..

..यह सोच असल में मुझसे है.. मत सोच कमी फिर किसमे है, लड़जा गर तुझे कुछ पाना है , कल होगी तेरी ही तरह क्योंकि यह जीत असल में तुझसे है..

ख़ामख़ा..

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..ख़ामख़ा क्यों,  सपनो को हकीकतों से, इच्छाओ को जरूरतों से, आज़ादी को बन्धनों से, आसमा को छतो दीवारों से, मासूमियत को समझदारी से, यू ख़ामख़ा..

Memelogy..

 व्हाट्सप्प के ज़माने में अगर मीम  से पाला नहीं पड़े तो आप अधूरे ज्ञानी है अधुनियक वायरल विचारधारा के.. मीम  एक अवधारणा या व्यवहार है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। मेम के उदाहरणों में विश्वास, फैशन, कहानियां और वाक्यांश शामिल हैं। ... जिन मीमो  को ऑनलाइन प्रचारित किया जाता है, उन्हें "इंटरनेट मीम " कहा जाता है। शब्दो को अर्थो में बताना अब पुराना या यू कहे की लंबी प्रक्रिया है। आज का युवा फ़ास्ट फ़ूड की तर्ज़ पर मीम को जल्दी अपनी भावनाओ को लोगो तक पहुचने वाला मानते है । और ये अपने आप में आधुनिकता लिए भी है जो के सोने पे सुहाग है। आधुनिक विचारधारा में सब से प्रचलित इंटरनेट का उपयोग... कुछ खुरापात  कुछ व्यंगपूर्ण कटु सत्यता युक्त आधुनिक विचारधारा..जो भी है अभी तो इंटरनेट पर वायरल मीम हिट है।