ख़ामख़ा..

..ख़ामख़ा क्यों, 
सपनो को हकीकतों से,
इच्छाओ को जरूरतों से,
आज़ादी को बन्धनों से,
आसमा को छतो दीवारों से,
मासूमियत को समझदारी से,
यू ख़ामख़ा..

Comments